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Shri Gomatidas Ji Maharaj
Shri Gomati Das Ji Maharaj is a easy and great yogi ,one cant believe until he see him personally that present time there is a such great yogi is available to see and worship, I cant say in words his greatness and blessings for me and my other gurubhai and sisters, I never see the God but I can say the God is like my Guruji.Jai Gurudev. Hanumat Niwas was built by Saint Shiromani Shri Gomatidas ji Maharaj for saints in Ayodhya. Gurudev Maharaj in delighted Mood . His blessings are spread continuously to all devotees Maharjji at Hindaun City Ashram in ashirvad Mudra. जय गुरुदेव अ नं त कोटि ब्रह्माण्ड नायक अनन्त विभूषित श्री गोमती दासजी महाराज के चरण कमलों में कोटि कोटि नमन
जै गुरुदेव रात को बारह बजे जब में जगा तो मैने देखा की गुरुदेव के शरीर के टुकड़े टुकड़े हो गये हैं. घबरकेर मैने आँखे बूँद कर ली , पाँच मिनिट में बाबा बोले ओ बाबा मैने आँखे खोल ली, गुरुदेव बोले डरा तो नहीं. उन्होने इस रूप के डरहन करा कर मुझे निर्भय कर दिया था. एक दिन रात्रि को आठ बजे में गुरुदेव को भोजन करवा रहा था , तो हाता में कोर लेकेर आसमान की तरफ देख कर बात करने लगे मैने पूछा तो बोले आज बड़ी छावनि मिल बनवाती गंगा गुजरात में काँप के हनुमंजी के यहाँ हनुमानों की मीटिंग है और हमैन वहाँ जाना है. में बोला गाड़ी से चलेंगे बाबा बोले की में ही जॉवुगा और मुझसे कहा की यहाँ उउपर छत से हमैन नीचे ले चलो. मैने आसान बिछा दिया गुरुदेव उस पर जाकर गिर पड़े और उसी अवस्था में रात भर रहे . सुबह नो बजे चेतन अवस्था में आए और बोले भयया अब सो जाएँ में बोला पूरी रात ही तो सोए हैं. बैर से 7 किमी पर ऐक संत रहते थे. हमसे गुरुदेव बोले उन संत से मिल आते हैं और अचेतनावस्था में चले गये. ऐक घंटे बाद मेरा हाथ पाकर कर बोले मेरा सर देखो चोट लगी है. मैने सर पर हाथ लगा कर देखा सर में चोट ल...


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